एक फौजी जिसने सरहद की रक्षा की, फिर किसानों की जिंदगी बदलने का बीड़ा उठाया।
मुजफ्फरनगर के भुम्मा गांव का बेटा, जब देश सोता था तब सरहद पर खड़ा रहता था।